Friday, August 26, 2022

आज ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया

आज ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया







सवाई माधोपुर आज दिनांक 26 अगस्त 2022 को ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया।


वन महोत्सव का आयोजन हर वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाता है कई बार बारिश नही होने की वजह से कार्यक्रम जुलाई अगस्त में भी आयोजन किया जाता है और ये पूरे भारत में सरकारी और गेर सरकारी संगठनो द्वारा मिलकर इसका आयोजन करते है ओर इस दिन पेड़ लगाते है पेड़ो के बिना मानव जीवन की कल्पना नही की जा सकती क्योकि पेड़ मानव ही नहीं सभी जीवों का आधार है  लेकिन आज के समय में औधोगिकरण इतने हो गये की हमे पता ही नही की जंगल किस रफ्तार से काटे जा रहे है, समय रहते हमे इस और ध्यान देने की बहुत जरूरत है हर एक आने वाली महामारी कुछ न कुछ सीखा कर जाति है हाल ही में कोरोना महामारी के चलते लाखो लोगो को ऑक्सीजन नही मिल पाने की वजह से जान गवानी पड़ी थी।


कार्यक्रम के मुख्य अथिति जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला व पुलिस अधीक्षक  सुनील कुमार विश्नोई और विशिष्ट अथिति रणथम्भोर के उपवन संरक्षक संग्राम सिंह, सामाजिक वानिकी के उपवन संरक्षक श्रवण कुमार रेड्डी, चम्बल घड़ियाल के उपवन संरक्षक अनिल यादव, रणथम्भोर के सहायक उपवन संरक्षक अरविंद कुमार झा के अलावा पथिक लोक सेवा समिति के सचिव मुकेश सीट, संस्था सदस्य, वनविभाग के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक शर्मा, विभाग के कई फील्ड अधिकारी, कर्मचारी, पर्यावरण प्रेमी, ग्रामीण व पत्रकार उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों को विभाग के फील्ड, क्षेत्रीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा  फूल माला पहनाकर स्वागत किया




कार्यक्रम का मंच संचालन रणथम्भोर के एसीएफ अरविंद झा ने किया, स्वागत उदबोधन डीएफओ श्रवण कुमार रेड्डी द्वारा दिया गया जिसमें कार्यक्रम में उपस्थिति सभी का स्वागत किया और विभाग की उपलब्धियां घर घर औषधि के बारे में बताया, इनके बाद संस्था सदस्य आविश शर्मा ने पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया  कि पूरे देश मे वन महोत्सव का आयोजन बड़े उत्साह के के साथ मे किया जाता है। संस्था सचिव मुकेश सीट ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुवे संस्था द्वारा रणथम्भोर ओर सामाजिक वानिकी विभागों का संस्था द्वारा किस पर्यावरण, वन एवम वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में किस तरह से सहयोग किया जाता है उसके बारेमे बताया, रणथम्भोर में नव नियुक्त आईएफएस मानस सिंह ने भी कार्यकर्म में अपने विचार व्यक्त किये, रणथम्भोर के उपवन संरक्षक संग्राम सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करे साथ ही पौधरोपण करने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण करना है और संस्था पथिक लोक सेवा समिति के द्वारा किये जा रहे पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की तारीफ की इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने पेड़ो के महत्व में बारे में बताया की पेड़ो का महत्व क्यो जरूरी है बताया कि जोधपुर के खेजड़ली गाँव की 361 महिलाओ ने पेड़ो को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुतियां दी थी, इसके बाद अंतिम सम्बोधन कार्येक्रम के मुख्य अथिति जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला ने दिया जिला कलेक्टर ने  कहा कि वन विभाग के द्वारा जिले में सभी विभागों का सामंजस्य करते बेहतरीन कार्ये किया साथ ही जिले में एक वर्ष में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाये गए है और बताया कि जिले में विभिन्न संघठन पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्ये कर रहे है आज के सफल कार्यक्रम के लिए सभी का धन्येवाद दिया।



कार्यक्रम उद्बोधन के पश्चात सभी ने अल्पाहार किया उसके बाद सभी अतिथियों द्वारा पौधे लगा कर वन महोत्सव का आगाज किया गया।

Tuesday, July 12, 2022

PLSS Branch Office Opening Ceremony Programme Ranthambore.

PLSS Branch Office Opening Ceremony Programme Ranthambore.

Pathik Lok Seva Samiti Branch Office Opening Ceremony Programme Ranthambore

Photo- Chief Guest Ranthambore Chief Conservator of Forest Seduram Yadav


Yesterday, Monday, the new branch office of Pathik Public Service Committee, which is working on wildlife, was inaugurated in front of FCI godown on Ranthambore Road in Vigyan Nagar at the hands of Chief Guest Ranthambore Chief Conservator of Forest Seduram Yadav


Photo:- Deputy Conservator of Forest Sandeep Chaudhary


A special guest Deputy Conservator of Forest Sandeep Chaudhary. In the inaugural program, Rafiq Mohammad, President of Guide Union, Ikramuddin of Mansingh Rajawat 
Photo:- Rafiq Mohammad, President of Guide Union



Vehicle Owner and Driver Association, Ramlakhan Meena, Forest Officer, Journalist, Doctor, Hotel Owner, Lawyer, Social Worker and members of the organization etc. dignitaries were present.


Sunday, May 22, 2022

अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया

अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया

आज अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।




कार्यक्रम की सुरुवात जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ऑला द्वारा जिला कलेक्ट्री परिसर में से रैली को हरी झंडी दिखा कर की गई, रैली बजरिया मैंन मार्केट में से होती हुई महावीर पार्क  में पहुची, पार्क में विभाग व संस्था द्वारा जूनियर व सीनियर वर्ग के स्कूल व कॉलेज के बच्चों की पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख श्रीमती सुदामा मीना, अध्यक्षता नगरपरिषद चैयरमैन विमल महावर विशिष्ट अतिथि उपवन संरक्षक जयराम पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डिग्गी प्रसाद मीना व अतिथि संस्था सचिव मुकेश सीट, वन अधिनस्थ कर्मचारी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन , राजकीय पीजी कॉलेज के व्याख्याता रामलाल बैरवा, अध्यापिका श्रीमती विजयलक्ष्मी अग्रवाल, सेनानिवर्त फौजी हुसेन खान, सेवादल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सलमान रंगरेज, रणथम्भोर स्कूल आर्ट के एम डी परासर व वन विभाग से रेंजर सुरेश गुर्जर, फोरेस्टर ताराचंद व संस्था सदस्य भवानी शंकर, सन्नी वर्मा, ऋषि मीना, सपना जोलिया, सविता शर्मा के अलावा वन कर्मचारी स्कूल के बच्चे व संस्था सदस्य व आमजन मौजूद रहे।



इस अवसर कार्यक्रम का मंच संचालन वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने किया। सभी अतिथियों का स्वागत वन अधिकारीयों व संस्था सदस्यो द्वारा किया गया। 


कार्यक्रम की सुरुवात करते हुवे संस्था सचिव मुकेश सीट ने कर्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों,विद्यार्थियों, संस्था सदस्यो व वन कर्मचारियों का स्वागत करते हुवे पर्यावरण संरक्षण के अलावा वन्यजीवो के संरक्षण करने में सभी को धरातल पर योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में कॉलेज के व्यख्याता राम बैरवा ने जैव विविधता के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी साथ ही युवाओं को ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण के संरक्षण में अपनी अहम जिमेदारी निभाने की अपील की, मुख्य अथिति जिला प्रमुख ने ओर कार्येक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर परिषद चेयरमैन ने ऐसे आयोजन जिले में होते रहे चाहिए इस कार्यक्रम के आयोजक वन विभाग और संस्था को धन्येवाद दिया। और सभी को प्रकति ओर जीव जंतुओं का संरक्षण करने की अपील की, उप वन संरक्षक जयराम पांडे जी ने मानव जीवन मे जैव विविधता को समझते हुवे विस्तार पूर्वक समझाया छोटे बड़े जीवो की कई प्रकार की प्रजातियां होती है जिनका पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, ऑक्सिजन, ग्लोबलवार्मिंग आदि में जैव विविधता के महत्त्व बारे में बताया। मानव जीवन को बचाने के लिए जैव विविधता का संरक्षण करना अति आवश्यक हो गया है।

 
                               

पोस्टर प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में पीजी कॉलेज की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा प्रतिभा गुप्ता द्वितीय स्थान व प्रीति खनगवार प्रथम स्थान ओर जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान पर स्टेप बाई स्टेप स्कूल के चिन्मय शर्मा, द्वितीय स्थान शिवांक गुप्ता व तृतीय स्थान कशिश मंगल सिनियर सेकेंड्री कुतलपुरा जाटान रही। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरुस्कार दिया गया साथ ही रैली में सम्मलित होने वाले सभी विद्यार्थियों व संस्था सदस्यों को भी सांत्वना पुरस्कार दिए गए।




कार्यक्रम के अंत जिला प्रमुख व नगर परिषद चेयरमैन, उप वन संरक्षक संस्था सदस्यों द्वारा संस्था पथिक लोक सेवा समिति का "पक्षी बचाओ परिंडा लगाओ अभियान" की शुरुआत पार्क में परिंडा लगाकर की गई।






Sunday, May 15, 2022

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

रणथंभौर की विभागिय टीम द्वारा बाघो व अन्य वन्यजीवो के संरक्षण मे इस वर्ष बेहतरीन कार्ये किये गए-

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

पहली बार टाइगर रिजर्व में पानी के व्याप्त व्यवस्थाओ के ये सोलर की व्याप्त व्यवस्था, टाइगर प्रोटेक्शन व कंजर्वेशन के लिए 9 चौकियां ओर बॉडर होमगार्ड्स की व्यवस्था आदि के काम होते दिख रहे है और इनके अलावा किसी भी टाइगर रिजर्व के लिए सब से अहम जरूरी होती है उसकी जीवन रेखा, पेराफेरी प्रोटेक्शन रोड व रोज टाइगर की रिपोर्टिंग । 


जिस कोर एरिया में सर्वाधिक बाघ हैं और जहां से लगातार बाघ गायब होने की घटनाएं होती रही है वहा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रोटक्शन रॉड बनाई गई और सभी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। स्टाफ के रहने के लिए बेहतरीन सुविधाओं युक्त चौकिया बनाई गई है कुछ एक का निमार्ण कार्ये प्रगर्ति पर है। 



अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगता देख कुछ एक छोटे मोटे व्यवधान उत्तपन्न हुवे जिसे कुछ निर्माणाधीन काम रुक गए तो कुछ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कर पुलिस सुरक्षा के बीच कामो को पूरा किया जा रहा हैं।


4 सर्वाधिक बाघ व अन्य वन्यजीवो वाली रेंजों में 70 कि.मि पेट्रोलिंग ट्रैक  व 12 चोकिया बनाई गई हैं। पहले इन पेरिफेरी पर सुरक्षा का कोई पुख़्ता बंदोबस्त नही था ना चौकीयो का तो नामोनिशान था और ना ही स्टाफ को गश्त करने के किसी प्रकार का कोई ट्रेक था। 

इसलिए पहले सुरक्षा दीवार के पेरिफेरी के रास्तों से अवैध गतिविधियां, अवैध घुसपैठ व शिकार जैसी कहि घटनाएं घटित होती रही थी। कभी कबार विभाग को सूचना लगती थी तो विभाग के वन कर्मियों के पास जंगल के बीच से होकर उन तक पहुंचने के रास्ते नहीं मिलते थे। 


मिर्जाघाटी एरिया में  वर्ष 2021 दिसम्बर माह में एक चिंकारा के शिकार की घटना हुई थी जिसमे शिकारी चिंकारा को मारकर ले जा रहे थे। जब तक विभाग के वन कर्मियों की टीम फेरफेरी से बाहर आबादी वाले एरिया से मोके पर पहुची तब तक शिकारी भाग चुके थे। इसे पहले भी बंदूकधारी शिकारी चीतल के कटे धड़ को ले जाते हुए ट्रैप कैमरे में दिखाई दिए थे, हर बार जीवन रेखा सड़क, पर्याप्त चौकिया, व स्टाफ के अभाव में यही होता रहा है शिकारी शिकार कर के हमेशा गायब हो जाता था क्योंकि जंगल में 15-20 किलोमीटर भीतर के पीएफेरी में  घुसपैठ रोकने के लिए कोई स्टाफ, चौकी, रास्ते मौजूद नहीं थे। 


हाल ही में किये गये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कार्यों को ओर आगे बढ़ाते हुवे सवाई मानसिंह अभ्यारण फलौदी वाले 636 वर्ग कि.मी तक ले जाना है।


जिससे टाइगर ओर अन्य वन्यजीवो को एक बड़ा एरिया मिलेगा, साथ ही अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण होने से पेरिफैरी एरिया में फिर से हरा भरा जंगल डवलप होगा ओर सभी प्रकार की अवैध घटनाएं रूकेंगे।

Friday, May 13, 2022

13 वर्षीय बाघिन टी-61 की मौत, राजबाग वन चौकी पर किया अंतिम संस्कार

13 वर्षीय बाघिन टी-61 की मौत, राजबाग वन चौकी पर किया अंतिम संस्कार

 रणथंभोर - 13 वर्षीय बाघिन टी-61 की मौत, राजबाग वन चौकी पर किया अंतिम संस्कार



रणथंबोर की बाघिन टी 61 की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार राजबाग वन चौकी पर किया गया। मिली जानकारी के अनुसार रणथंबोर की बाघिन टी 61 जोन नम्बर 7 के जामोदा नाले में मृत अवस्था में पाई गई। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मृत बाघिन को अपने कब्जे में लिया साथ ही आसपास से नमूने लिए जिससे कि बाघिन की मौत की पुष्टि हो सके। आसपास कोई भी मृत पालतू जानवर या अन्य कोई जंगली जानवर नहीं पाया गया। वन विभाग के पशु चिकित्सको के अनुसार बाघिन का मृत शरीर 2-3 दिन पुराना बताया जा रहा है।

 टी - 61 बाघिन की मौत के मामले में पूरी तरह से अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से मौत की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार गर्दन और एक साइड की हड्डी टूटने की वजह से उसकी मौत होना बताया जा रहा है।



 बाघिन टी - 61 ने 2 शावकों को जन्म दिया था  मृत बाघिन टी - 8 लाड़ली व टी 34 कुंबा की बेटी थी 

 बाघिन  टी - 61 का मूवमेंट ज्यादातर रणथंबोर के जॉन नंबर 7 में रहता था। बाघिन टी - 61 नरम स्वभाव की थी,  एवं रणथंभोर भ्रमण पर  आने वाले पर्यटकों को कई बार अठखेलियां करती हुई नजर आती थी। 


 बाघिन टी - 61 की मौत के बाद विभाग के अधिकारी मुख्य वन संरक्षक शेडू राम यादव, उप वन संरक्षक महेंद्र शर्मा, सहायक उप वन संरक्षक फलोदी रेंज मानसिंह, फलोदी रेंजर राजबहादुर, खंडार रेंजर विष्णु गुप्ता, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ राजीव गर्ग, रणथंभोर पशु चिकित्सक डॉ सीपी मीणा तहसीलदार प्रीति मीणा, एनजीओ के प्रतिनिधि, पत्रकार सहित विभाग के कर्मचारियों की मोजुदगी में अंतिम संस्कार किया गया।

Wednesday, May 11, 2022

 रणथम्भौर में नए जोन खुलने से पर्यटकों का होगा इजाफा, रोजगार के भी बढ़ेगे अवसर 

रणथम्भौर में हर साल देसी विदेशी पर्यटकों पर्यटकों का इजाफा हो रहा है लेकिन विभाग की ओर से रणथम्भौर के बाहरी इलाके में नए और जोन खोले जाते तो रणथम्भौर पर्यटन में ओर अधिक इजाफा होगा साथ ही रोजगार के नए अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा रणथम्भौर के बाहरी इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही शूरू होने से बाहरी सीमा वाले इलाकों में कटाई, चराई आदि अवैघ गतिविधियों पर भी अंकुश लग सकता है। साथ ही रणथम्भौर के मुख्य जोनो से पर्यटकों का दबाव भी कम होगा।  


2008 तक रणथम्भौर में 5 जोन थे वन विभाग के अनुसार रणथम्भौर में 2008-09 तक महज पांच ही जोन थे। इसके बाद वन विभाग की ओर से रणथम्भौर में 6 से 8 तक तीन नए जोन बनाए गए। उसके बाद रणथम्भौर में 9 एवं 10 दो जोन शूरू किया गया। उसके बाद अभी तक 14 साल बीतने के बाद भी अब तक रणथम्भौर में एक भी नया जोन शूरू नहीं किया गया है। 

पूर्व में रणथम्भौर के बाहरी जोनों में वाहनों की लिमिट निर्धारित नहीं थी लेकिन करीब पांच साल पहले वन विभाग ने नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी (एनटीसीए) गाइडलाइन का हवाला देकर रणथम्भौर के बाहरी जोनो में भी पर्यटन वाहनों की लिमिट निर्धारित कर दी। 

पर्यटक गाइड प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 25 मई तक इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करें।

पर्यटक गाइड प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 25 मई तक इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करें।

पर्यटक गाइड प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 25 मई तक इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करें।



राजस्थान पर्यटन व्यवसाय सुकरकरण और विनियमन अधिनियम, 2010 की धारा 8 की उप धारा (1) के अनुसार गाइडों के अनुज्ञापन के लिए जारी राजस्थान पर्यटन व्यवसाय नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुसार 5 हजार स्थानीय स्तर पर एवं एक हजार राज्य स्तर के पर्यटक गाइडों के चयन के लिए आयोजित की जाने वाली गाइड शिक्षण पाठयक्रम में प्रवेश परीक्षा में भाग लेने के लिए इच्छुक आवेदकों से 25 मई 2022 तक ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।

पर्यटक स्वागत केंद्र सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक मधुसूदन ने बताया कि राज्य स्तर गाइड शिक्षण के लिए निर्धारित एक हजार सीटों के लिए वे अभ्यर्थी जिन्होंने अपनी आयु एक अप्रैल 2022 को 21 वर्ष पूर्ण कर ली हो और 50 वर्ष की आयु से कम हो एवं भारत के विधि द्वारा स्थापति किसी विशविद्यालय से स्नातक या भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विशविद्यालय या राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन के लिए अनुमोदित किसी संस्था से पर्यटन में 3  वर्ष डिप्लोमा धारक हो।



इसी प्रकार स्थानीय स्तर पर गाइड प्रशिक्षण के लिए निर्धारित पांच हजार सीटों के लिए जिन अभ्यर्थियों ने एक अप्रैल 2022 को 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो और 50 वर्ष की आयु से कम हो परन्तु 10 वर्ष का गाइड का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों की ऊपरी आयु सीमा 55 वर्ष तक हो सकती है। अभ्यर्थी भारत में विधि द्वारा स्थापित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सैकेण्डरी परीक्षा या 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण हो यदि किसी के पास 10 वर्ष से अधिक की गाइडिंग का अनुभव है और वह वन विभाग/पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग/अन्य सरकारी उपक्रम/विभाग या निजी न्यासों द्वारा चलाये जा रहे ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों द्वारा जारी परिचय-पत्र/अनुज्ञप्ति कार्ड रखता है तो ऐसे अभ्यर्थी को सैकण्डरी परीक्षा या 10वीं उत्तीर्ण की अर्हता में शिथिलन देय होगा।

आवेदन कैसे करेः- अभ्यर्थी अपना आवेदन www.tourism.rajasthan.gov.in तथा https://www.ihmjaipur.com वेबसाइट पर दिये गये लिंक https://www.rajguidetraining2022.in के माध्यम से ऑनलाइन भर सकते हैं।

आवेदन शुल्कः- पर्यटक स्वागत केन्द्र के सहायक निदेशक ने बताया कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 500 रूपए, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 250 रूपए, दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आवेदन करने वाले आवेदकों को क्रमश एक हजार रूपए (सामान्य वर्ग) एवं 500 रूपए (आरक्षित वर्ग) के लिए आवेदन शुल्क देय होगा।

Thursday, May 05, 2022

संस्था पथिक लोक सेवा समिति द्वारा जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) का किया गया स्वागत

संस्था पथिक लोक सेवा समिति द्वारा जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) का किया गया स्वागत

संस्था पथिक लोक सेवा समिति द्वारा जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) का किया गया स्वागत

सवाई माधोपुर, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) एमएल मीना का सवाई माधोपुर से गुजरात प्रदेश मुख्यालय   पर स्थानांतरित होने पर सिटी सेंटर में स्थित पथिक लोक सेवा समिति कार्यालय में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

Photo- NGO office


कार्यक्रम में जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) एमएल मीना को संस्था सदस्यों द्वारा माला एवं साफा पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया गया। 




इस अवसर पर उन्होंने नाबार्ड द्वारा किए जाने वाले कई कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नाबार्ड के द्वारा महिला एवं पुरुषों को कई प्रकार की योजनाओं की जानकारी एवं उनकी ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के बाद लोग स्वयं का रोजगार भी खोल सकते हैं। इसकी वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने संस्था सद्स्यों से अपील करते हुए कहा आज का युवा वर्ग नौकरी की तलाश में रहता है। नौकरी नहीं मिलने पर अवसाद में रहता है ऐसे में लोगों को नाबार्ड द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग लेकर स्वयं का रोजगार चलाने की कोशिश करना चाहिए।


इस मौके पर एमएल मीना की जगह डीडीएम पद पर पदस्थापित हुए पुनीत शर्मा का भी संस्था सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नाबार्ड से संबंधित जो भी योजनाएं हैं उनकी जानकारी जन जन को होनी चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा हो सके। 




इस मौके पर उन्होंने एवं सभी संस्था सदस्यों ने एक दूसरे का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्था सचिव मुकेश सीट, संस्था सदस्य विजय मीना, रेखा मीना, अब्दुल गफ्फार, सनी वर्मा, शिवानी राणावत, सपना जोलिया, टीना, भारती राही, विशाल , विरेन जैन, जय लक्ष्मी कुमावत सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।


Saturday, April 30, 2022

Shri Seduram Yadav (IFS) took charge of the post of Chief Conservator of Forests and Regional Director Ranthambore Tiger Project-

Shri Seduram Yadav (IFS) took charge of the post of Chief Conservator of Forests and Regional Director Ranthambore Tiger Project-

Shri Seduram Yadav (IFS) took charge of the post of Chief Conservator of Forests and Regional Director Ranthambore Tiger Project-

From the post of Chief
Conservator of For
ests and Regional Director Ranthambore
Tiger Project, Shri
T.C. Verma ji retired today and in his place Shri Seduram Yadav ji (IFS) took
additional charge. After after charging..

Photo;- T.C. Verma (IFS) & Shri Seduram Yadav ji (IFS)

the secretary of the Pathik lok
seva samiti, Mukesh Siit, and the members of the organization Virendra Jain,
Salman Rangrej etc. welcomed and greeted them by wearing garlands and giving

mementos
.



 




On this occasion, Chief
Conservator of Forest Forest Department (ccf) Kota Shri Manoj Parasar ji,
Deputy Conservator of Forest RTR Shri Mahendra Sharma ji, DFO Forest Department
Shri Jairam Pandey ji, DFO Chambal Ghariyal Shri Anil Yadav ji, Deputy
Conservator of Forest Tourism Shri Sandeep Chaudhary ji, Deputy Conservator of
Forests Shri Sanjeev Sharma ji etc. were present.

Secretary of the Pathik lok seva samiti, Mukesh Siit & Shri Seduram Yadav (IFS) 

Thursday, April 21, 2022

 वन कर्मचारी संघ ने वनपाल के तबादले का किया विरोध -

वन कर्मचारी संघ ने वनपाल के तबादले का किया विरोध -


 वन कर्मचारी संघ ने वनपाल के तबादले का किया विरोध 

सवाई माधोपुर- रणथम्भौर में वनपाल का तबादले का मामला विवादों के घेरे में आ रहा है। राजस्थान वन अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ ने वनपाल के तबादले पर नाराजगी जताते हुए निन्दा की है। रणथम्भौर के कुण्डेरा रेंज के भदलाव नाके पर मुकेष गुर्जर वनपाल के पद पर कार्यरत थे। पिछले दिनों उनका तबादला कर उन्हें फलाइंग रेंज में लगाया गया। इसको लेकर वन कर्मचारी संघ के प्रदेष अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह जादौन का कहना हैं कि अवैध खनन पर कार्यवाही करना लोकसेवक का फर्ज है। जबकि एक राजनेता ने वनपाल का तबादला करवा दिया। पहले षिकायत की जांच करानी चाहिए। 


Wednesday, April 20, 2022

संस्था पथिक लोक सेवा समिति द्वारा "हमारी लाडो" के तहत 25 बेटियों को करवाया रणथम्भौर का शैक्षिक भ्रमण-

संस्था पथिक लोक सेवा समिति द्वारा "हमारी लाडो" के तहत 25 बेटियों को करवाया रणथम्भौर का शैक्षिक भ्रमण-

संस्था द्वारा "हमारी लाडो" के तहत 25 बेटियों को करवाया रणथम्भौर का शैक्षिक भ्रमण-


आज संस्था पथिक लोक सेवा समिति के तत्वावधान में मिसेज एशिया इंडिया एवं हमारी लाडो की ब्रांड एम्बेसिडर सीमा मीना सहित काॅलेज की 25 बेटियों को प्रातःकालीन सफारी में  रणथम्भौर के जोन नम्बर 3 का भ्रमण करवाया गया। 

FILE PHOTO-1


इस मौके पर मिसेज एशिया एण्डिया सीमा मीना ने बताया कि वन व वन्य जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से बेटियों को भ्रमण करवाया जहां पर उन्होंने टाइगर टी-120 की अठखेलियां देखी साथ ही चीतल, सांभर, हीरण सहित अन्य कई प्रकार के पेड पौधों व पक्षियों को देखकर काफी उत्साहित हुई। 

इस मौके पर नेचर गाइड मानसिंह राजावत ने बेटियों को रणथम्भौर फोर्ट का इतिहास, गणेश मंदिर का इतिहास, टाइगर प्रोजेक्ट एवं वन व वन्य जीवों के बारे में जानकारी दी। 

PATHIK FILE PHOTO-2

रणथम्भौर भ्रमण के बाद काॅलेज की सभी बेटियों को संस्था कार्यालय पर मिसेज एशिया इंडिया द्वारा समाज में फेली बुराईयों, कुरूतियों एवं समाज में हम अपना योगदान कैसे करें उस बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी दी। इस मौके पर एमएससी की छात्रा पूजा मीना ने भी संबोधित करते हुए बताया कि आज का शैक्षिक भ्रमण में हमने प्रकृति द्वारा हमें कैसे आक्सीजन मिलती है साथ ही अन्य कई प्रकार के वन व वन्यजीवों को करीब से देखा और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। 

PATHIK FILE PHOTO-3

वहीं बीए अंतिम वर्ष की छात्रा भारती जोलिया ने बताया कि इस संस्था से जुडकर हमने वन व वन्य जीवों के बारे में बहुत कुछ सीखा है। आज के इस शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में रणथम्भौर के उपवन संरक्षक महेंद्र शर्मा, एसीएफ संजिव शर्मा एवं संस्था सदस्य विजय मीना, सन्नी वर्मा, सपना जोलिया, टीना, रेखा मीना, आशाराम, सीताराम आदि का अहम योगदान रहा।  

संस्था पीछे 8 वर्षो से यहां के युवाओ और लोगो को रणथम्भोरे के बाघों और यहां के वन्यजीवो के प्रति जागरूक करने का काम करती आरही है।


Thursday, April 14, 2022

 रणथम्भौर के बाघ करौली और बूंदी की तरफ बढ़ते हुए

रणथम्भौर के बाघ करौली और बूंदी की तरफ बढ़ते हुए

 रणथम्भौर के बाघ करौली और बूंदी की तरफ बढ़ते हुए 

सवाई माधोपुर-रणथम्भौर में बाघों का कुनबा बढ़ने के साथ ही बाघों के लिए विचरण क्षेत्र कम पड़ने लगा है। ऐसे में आए दिन रणथम्भौर में बाघों के बीच संघर्ष के मामले सामने आते रहते हैं। खुद वन विभाग यह मान चुका है कि वर्तमान में रणथम्भौर में क्षमता से अधित बाघ-बाघिन विचरण कर रहे है। रणथम्भौर में करीब 50 व्यस्क बाघों की जगह है, लेकिन यहां वर्तमान में 60 से अधिक वयस्क बाघ-बाघिन विचरण कर रहे हैं। टेरेटरी की तलाष में बाघ-बाघिन इधर उधर भटक रहे हैं। कई बाघ बिल्कुल रणथम्भौर की सीमा तक पहुंच चुके हैं। अब ये करौली और बूंदी के जंगलों में पहुंच सकते हैं। 

वन विभाग के अनुसार रणथम्भौर की बाघिन टी-8 की संतान बाघ-टी-129, जिसका पूर्व में कुण्डाल वन क्षेत्र के पोलघटा इलाके में विचरण कर रहा है। पोलघटा इलाके में बाघ के पगमार्क भी मिल रहे है। ऐसे में बाघ और आगे बढ़ा और बाघ ने चाकल नदी को पार किया तो यह बाघ रणथम्भौर से निकलकर बूंदी के जंगलों में पहुंच जाएगा। इस रास्ते से बाघ रामगढ विषधारी अभ्यारण तक जा सकता है। 



वहीं रणथम्भौर में बाघों के एक बार फिर करौली और बूंदी के बाॅर्डर पर पहुंचने से वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है। वन विभाग की ओर से बाघों की लगातार माॅनिटरिंग कराई जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। 

वहीं बात करें बाघिन टी-102 के युवा शावक भी अब टेरेटरी की तलाश कर रहे हैं। आघिन टी-102 के एक शावक ने तो टेरेटरी की तलाश में करीब-करीब करौली की तरफ अपना रूख कर लिया है। यह बाघ रणथम्भौर के भूरीपहाड़ी इलाके में पहुंच  चुका है। ऐसे में यदि बाघ ने बनास नदी को पार किया तो यह बाघ करौली के कैलादेवी अभ्यारण तक पहुंच  सकता है। पहले भी इसी मार्ग से पूर्व मेें रणथम्भौर का खूंखार बाघ टी-104 भी करौली पहुंच चुका है। 

वहीं इस पूरे मामले पर सवाई माधोपुर रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक महेन्द्र शर्मा के अनुसार रणथम्भौर में बाघों की संख्या अधिक होने की वजह से कई बाघ टेरेटरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। बाघ टी-129 व टी-102 का षावक रणथम्भौर के बाॅर्डर तक पहुंच गए हैं। यदि यह बाघ आगे बढ़े और इन्होंने नदी पार की तो ये बूंदी व करौली पहुंच सकते हैं। हमारी ओर से लगातार माॅनिटरिंग कराई जा रही है।  


Wednesday, April 13, 2022

 घर में घुसे भालू को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू

घर में घुसे भालू को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू

 घर में घुसे भालू को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू 

सवाई माधोपुर-नीमली रोड स्थित तिलक नगर में भालू के घर में घूसने से लोगों में हडकंप मच गया और लोग भालू के डर से घर से बाहर निकल आए। सूचना पर पहंुची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने घर में घुसे भालू को रेस्क्यू किया। वन विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार नीमली रोड स्थित तिलक नगर में भालू के मूवमेंट होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद से ही वन विभाग की टीम भालू की माॅनिटरिंग व ट्रैकिंग में जूटी हुई थी। मंगलवार षाम को विभाग की टीम को एक घर में भालू नजर आया तो टीम के सभी सदस्यों ने भालू को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। इस मौके पर वन विभाग के पषु चिकित्सक डाॅ सीपी मीना के अनुसार भालू के किसी वाहन की टक्कर से घायल होने की आषंका है। भालू के षरीर पर पहले से कुछ गहरे घाव थे। ऐसे में विभाग की टीम ने भालू को वातानुकुलित एंबुलेस में रखकर उपचार किया। इस मौके पर विभाग की रेेस्क्यू टीम से जीत सिंह खंगार, फरहान खान, बालकिषन, जसकरण सहित अन्य कई सदस्य थे।



Thursday, August 26, 2021

Voluntary Village Relocation and Tiger Reserves

Voluntary Village Relocation and Tiger Reserves

Picture : A relocated village of Ranthambhore Tiger Reserve

Sawai Madhopur, 26 Aug: Relocation of villages is a problem that exist in almost every tiger reserve, Tiger being a flagship and umbrella species that needs space for its survival and existence, they need human interference free protected area, but actually it's not happening for them. 

In Rajasthan there are almost 4 Tiger Reserves at present, Sariska, Ranthambhore Phase I and II, Mukundra Hills and Ramagadh Vishdhari.

At present in Sariska 3 villages namely Haripura, Kraska and Peela Pani are still not voluntary relocated, but some villages relocated earlier, in Mukundra there are almost 16 villages out of which 1 is relocated, namely Kolipura, Rooppura,Akhwa (Bhukhi), Girdharpura, Kharlibawri, Laxmipura, Damodarpura, Mukundra Darrah Ganv, Ghati (Relocated), Roja ka Talab, Jawahar Sagar, Mashalpura, Narayanpura, Ambarani, Nosera, Bhaisrodgarh. 

In Ramgarh Vishdhari there are almost 8 villages namely Bhairupura, Kaishavpura, Bhimganj, Jawra, Haripura, Gulkhedi, Gudhamakduka, Dhundhla ji ka Bada in which almost 5000 people are residing.

In Ranthambhore Phase I there mainly 8-9 villages and in Phase -II (Karauli) 44 villages are there. 

The only way to relocate villages is on voluntary basis, compensation amout which was earlier Rs 10 lakhs per family has been increased to Rs 15 lakhs per family. But still relocation process is going on a very slow pace.

Though Surveys has been conducted at many places and process of relocation is underway. Imagine if this is condition of core and critical tiger habitat what is the condition of Buffer Areas. 

If Tigers come across any human dominated landscape conflict is inevitable, overpopulation of Tigers in any reserve more than its capacity to hold tigers is another problem which creates Human-Tiger conflict situation other afe Human-Leopard or Man-animal conflict. Ranthambhore is already facing the same problem. 

Shifting Tigers cannot be done without scientific methodology, also depends upon prey base situation and the way parks are being managed. 

Unfortunately there no CA|TS accredited park in Rajasthan. Therefore until a strong conservation policy is being implemented situation of Tiger Reserves will always be vulnerable. 

Picture : A relocated village of Ranthambhore Tiger Reserve

Tuesday, August 10, 2021

Ranthambhore beyond Tigers

Ranthambhore beyond Tigers


Ranthambhore, 10 Aug : As soon as the name Ranthambhore is heard, the first thing that comes to anybody's mind is Tigers. Definitely, Ranthambhore is famous for its Tiger Tourism across the globe. 

But Ranthambhore is not all about Tigers, Ranthambhore is beyond Tigers, there are a variety of species that founds themselves hidden under the shadow of the Tiger.

The practice of "Tiger nahi dikha to kuch nahi dikha" (Means If Tiger is not seen, nothing is seen) is a wrong practice and not at all good, after 3 hours of Safari a guest comes out and shouts on gypsy operator and guide "Are bhiya aapne Tiger to dikhaya hi nahi," hamare to sare paise waste ho gaye" (Means "Hello Brother You didn't show us Tiger, Our whole money is wasted") this is the situation that every nature guide or gypsy or tour operator faces most of the times. 

And due to this pressure from the tourist they (the gypsy walas and guides) unfortunately had to skip everything but had to rush towards a site where they can have the chance of Tiger Sighting, this is the situation in most of the tiger reserves. Due to this pressure there is adverse effect on behavior of Tigers as well, and they comes easily under stress and could become aggressive due to this ill-practice. Unnecessary pressure of Tourism on Tigers has proven fatal for this species.

But this is not the way of observing a jungle, neither these tigers are captive, they roam free in their natural environment and habitat for food, water, marking of territory, to mate, etc. rest of the time they keep themselves hidden in their resting place, to see a tiger during a safari is purely a chance of luck.

Remember whenever you enter a forest try to watch as many things as you can watch during the tour, from langurs to peafowl, Spotted deer to wild boar, from Sambar to hare, from grey francolin to butterfly, from a basking crocodile to a roof turtle, from crested serpent eagle to brown fish owl you will see that you've enjoyed the beauty of the jungle more than anything, and your trip is worth. 

When you start observing jungle-like that, even playful jackals and foxes will attract you more than a tiger sighting.

Alarm calls of Langurs and a sudden rush of Sambar and Spotted deer herd evading a predator with barking calls is more interesting to watch, see the coordination between langurs and Sambar and Spotted Deer.  

Sloth bears are also worth watching in Ranthambhore carrying their babies on the back. There are a variety of small cat species here like Caracal, Jungle Cat, Fishing Cat, Rusty Spotted Cat if you're are lucky you can see one of them. 

When rushing towards a tiger sighting you might mis-out a hole of tree in which an Indian Scops Owl is waiting for you. 

Ask your nature guide or naturalist about what kind of vegetation is here how many species of rare plants are here, ask him how many medicinal plants are found in Ranthambhore, ask about the history of Ranthambore, ask how many vultures species are found in Ranthambhore, ask your nature guide have you seen a pangolin or a caracal? 

How many Raptors are found in Ranthambore, you might find a Shikra, to Short-toed Snake Eagle, Crested Serpent Eagle to Crested Hawk Eagle, From Oriental Honey Buzzard to Long Legged or Common Buzzard.

You may find here a variety of Owls from Indian Eagle Owl to Brown Fish Owl, From Dusky Eagle Owl to Mottled Wood Owl, from  Indian Scops owl to Spotted Owlet even a Barn Owl can be seen at Ranthambhore. 

Ask you guide how many verity of snakes are found in Ranthambhore, you'll find surprisingly that there are two verity of foxes in RTR one is a desert fox with white tail tip and second Indian fox with black tail tip. 

Wolves and Hyenas also rule this landscape along with Tigers and Leopards. See the landscape and hills fort and old and historic Shikar Audhis and Ancient Fort Walls. 

You'll find that Ranthambhore is way beyond Tigers.  

Pic courtesy: Ansar Khan, A brown fish owl with snake kill from Ranthambhore.



Thursday, August 05, 2021

राजस्थान वन विभाग द्वारा घर घर औषधि पौधो का संस्था द्वारा निःशुल्क वितरण-

राजस्थान वन विभाग द्वारा घर घर औषधि पौधो का संस्था द्वारा निःशुल्क वितरण-

राजस्थान वन विभाग द्वारा घर घर औषधि पौधो का संस्था द्वारा निःशुल्क वितरण- 




सवाईमाधोपुर नगर परिषद द्वारा गठित समिति की सदस्य पथिक लोक सेवा समिति के द्वारा दिनांक 4 व 5 अगस्त दो दिन में मानटाउन क्षेत्र के वार्ड नं 2 से 5 में घर घर औषधि योजना अंतर्गत 2400 पौधो का वितरण संस्था सदस्यों द्वारा किया गया। संस्था द्वारा एक दिन में 2 वार्डो में ओषधि पौधों का वितरण किया जा रहा है मानटाउन क्षेत्र के कुल 30 वार्डो में वितरण किया जाना है।



संस्था सदस्यों द्वारा बरसात में भी  पौधों का वितरण लगातार किया जा रहा है  संस्था के सचिव मुकेश सीट, संस्था सदस्य रेखा मीना, विशाल, विक्की, भारती, प्रिया, मुकेश जस्टाना, ऋषि, सन्नी वर्मा, राकेश, गोलू व नगरपरिषद से मनोज सैनी, असरफ खान, हेमेंद्र व सम्बंधित वार्ड पार्षदो का वितरण में सहयोग रहा।