Monday, September 13, 2021

टाइगर रिज़र्व की महिला वनकर्मी को धमकाने का मामला

टाइगर रिज़र्व की महिला वनकर्मी को धमकाने का मामला


कोटा:- मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में एक नाव संचालक ठेकेदार द्वारा महिला वनकर्मी को धमकाए जाने का मामला सामने आया है। 

रिज़र्व में नाव संचालन हेतु, सीसीएफ ऑफिस के पास तैनात महिला फारेस्ट गर्द जेठी इंचार्ज को ठेकेदार, बनवारी यदुवंशी, तुषार यदुवंशी एवं नरेंद्र यदुवंशी नें डराया व धमकाया जिसके बाद महिला फारेस्ट गार्ड नें किशोरपुरा थाने में लिखित में मुकदमा दर्ज करवाया। 

घटना 15 दिन पुरानी बताई जा रही लेकिन वन द्वारा अभीतक उक्त ठेकेदार एवं उसके साथियों पर कोई पुख़्ता कार्यवाई नहीं की गई है वहीं पुलिस द्वारा भी उक्त मामले में अभी तक ठेकेदार को गिरफ्तार कर पुछताछ नहीं की गई है।

वहीं घटनाक्रम को लेकर वन्यजीव प्रेमियों एवं वन कर्मचारियों के संगठन में खासा आक्रोश है। उक्त मामले को लेकर वन्यजीव एक्टिविस्ट अनिल रोजर्स उदयपुर, बाबू लाल जाजू भिलवाड़ा, जीव रक्षा संस्था, बीकानेर, पथिक लोक सेवा समिति, सवाई माधोपुर, राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ नें अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है। 

गौरतलब है बनवारी एवं इसके साथियों पर मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व में घुसकर रात में सर्च लाइट डाल पैंथर जैसे वन्यजीवों को परेशान करने का भी आरोप है वहीं इसके व इसके साथियों के खिलाफ कई शिकायतें वन विभाग में आला अधिकारियों को दर्ज करवाई जा चुकी है। इसके बावज़ूद महिला वनकर्मी को डराने और धमकाने जैसे गंभीर मामलों पर कोई पुख़्ता कार्यवाई अभी तक नहीं होना सम्बंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। 

मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व में बाघों का पुनर्वास एक तरह से फेल हो गया था, यहां या तो अधिकांश बाघ मर गए या लापता हो गए, अवैध सफ़ारी भी मुकुंदरा की बड़ी समस्याओं में से रही है, वहीं गांवों का स्वेच्छिक विस्थापन न हो पाना आदि समस्याएं भी मुकुंदरा के विकास के सामने बाधा बनकर खड़ी हैं। उसके साथ ही मुकुंदरा फारेस्ट स्टाफ की कमी से भी झूझ रहा है। ऐसे में ठेकेदारों द्वारा एक महिला वनकर्मी को डराया धमकाया जाना किसी शर्मिंदगी से कम नहीं है। 

राजस्थान के सभी वन्यजीव प्रेमियों एवं वन विभाग के कर्मचारी संगठनों की पुरज़ोर मांग है कि ऐसे आपराधिक तत्वों पर जल्द से जल्द कार्यवाई कर प्रदेश की जनता के सामने नज़ीर पेश करें।