Friday, August 26, 2022

आज ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया

आज ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया







सवाई माधोपुर आज दिनांक 26 अगस्त 2022 को ग्राम पंचायत खिलीचीपुर स्थित वृक्ष कुंज में वन महोत्सव कार्येक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया।


वन महोत्सव का आयोजन हर वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाता है कई बार बारिश नही होने की वजह से कार्यक्रम जुलाई अगस्त में भी आयोजन किया जाता है और ये पूरे भारत में सरकारी और गेर सरकारी संगठनो द्वारा मिलकर इसका आयोजन करते है ओर इस दिन पेड़ लगाते है पेड़ो के बिना मानव जीवन की कल्पना नही की जा सकती क्योकि पेड़ मानव ही नहीं सभी जीवों का आधार है  लेकिन आज के समय में औधोगिकरण इतने हो गये की हमे पता ही नही की जंगल किस रफ्तार से काटे जा रहे है, समय रहते हमे इस और ध्यान देने की बहुत जरूरत है हर एक आने वाली महामारी कुछ न कुछ सीखा कर जाति है हाल ही में कोरोना महामारी के चलते लाखो लोगो को ऑक्सीजन नही मिल पाने की वजह से जान गवानी पड़ी थी।


कार्यक्रम के मुख्य अथिति जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला व पुलिस अधीक्षक  सुनील कुमार विश्नोई और विशिष्ट अथिति रणथम्भोर के उपवन संरक्षक संग्राम सिंह, सामाजिक वानिकी के उपवन संरक्षक श्रवण कुमार रेड्डी, चम्बल घड़ियाल के उपवन संरक्षक अनिल यादव, रणथम्भोर के सहायक उपवन संरक्षक अरविंद कुमार झा के अलावा पथिक लोक सेवा समिति के सचिव मुकेश सीट, संस्था सदस्य, वनविभाग के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक शर्मा, विभाग के कई फील्ड अधिकारी, कर्मचारी, पर्यावरण प्रेमी, ग्रामीण व पत्रकार उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों को विभाग के फील्ड, क्षेत्रीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा  फूल माला पहनाकर स्वागत किया




कार्यक्रम का मंच संचालन रणथम्भोर के एसीएफ अरविंद झा ने किया, स्वागत उदबोधन डीएफओ श्रवण कुमार रेड्डी द्वारा दिया गया जिसमें कार्यक्रम में उपस्थिति सभी का स्वागत किया और विभाग की उपलब्धियां घर घर औषधि के बारे में बताया, इनके बाद संस्था सदस्य आविश शर्मा ने पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया  कि पूरे देश मे वन महोत्सव का आयोजन बड़े उत्साह के के साथ मे किया जाता है। संस्था सचिव मुकेश सीट ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुवे संस्था द्वारा रणथम्भोर ओर सामाजिक वानिकी विभागों का संस्था द्वारा किस पर्यावरण, वन एवम वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में किस तरह से सहयोग किया जाता है उसके बारेमे बताया, रणथम्भोर में नव नियुक्त आईएफएस मानस सिंह ने भी कार्यकर्म में अपने विचार व्यक्त किये, रणथम्भोर के उपवन संरक्षक संग्राम सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करे साथ ही पौधरोपण करने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण करना है और संस्था पथिक लोक सेवा समिति के द्वारा किये जा रहे पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की तारीफ की इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने पेड़ो के महत्व में बारे में बताया की पेड़ो का महत्व क्यो जरूरी है बताया कि जोधपुर के खेजड़ली गाँव की 361 महिलाओ ने पेड़ो को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुतियां दी थी, इसके बाद अंतिम सम्बोधन कार्येक्रम के मुख्य अथिति जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला ने दिया जिला कलेक्टर ने  कहा कि वन विभाग के द्वारा जिले में सभी विभागों का सामंजस्य करते बेहतरीन कार्ये किया साथ ही जिले में एक वर्ष में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाये गए है और बताया कि जिले में विभिन्न संघठन पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्ये कर रहे है आज के सफल कार्यक्रम के लिए सभी का धन्येवाद दिया।



कार्यक्रम उद्बोधन के पश्चात सभी ने अल्पाहार किया उसके बाद सभी अतिथियों द्वारा पौधे लगा कर वन महोत्सव का आगाज किया गया।

Monday, July 18, 2022

 Memorandum submitted regarding not shifting tigers from Ranthambore's tourist area.

Memorandum submitted regarding not shifting tigers from Ranthambore's tourist area.


18 July 2022..

Recently, people associated with Ranthambore tourism and NGO organizations submitted a memorandum to the Deputy Conservator of Forests on Monday in protest against the tigress that was shifted from Zone-5 area of ​​Ranthambore tourism area to T- 102 in Ramgarh.


At the same time, he demanded not to shift any tourist area tiger from Ranthambore in future. Because the livelihood of the local people is related to tourism, if after the tourism sector is shifted elsewhere, then it will have a bad effect on the income of the government and the livelihood of the local people.

Along with this, he demanded that in future the tiger should be taken from the non-tourism area and the participation of local people should be ensured by forming an advisory committee. Opinion should also be taken from the members of the vehicle union office bearers.

 He said that if any tiger would be sent to tourism zone in future, then we were compelled to warn of agitation by people associated with tourism, local organizations and wildlife lovers.

 on this occasion

Ranthambore Jungle Safari Vehicle Owners Union, Ranthambore Drivers Association, Ranthambore Nature GuideAssociation, Pathik lok seva samiti , Ranthambore Tiger Conservation and Rural Development Committee, Ranthambore Hotel Association, Ranthambore Travel Agent Association, all the office bearers and members of Ranthambore Bagh bachao  Sangharsh Samiti Sawai Madhopur were present.


Photo: Wildlife lovers, union and institutions officials handing over the memorandum


Saturday, June 25, 2022

रणथम्भोर आगमन पर राजस्थान वन विभाग के मुखिया का किया स्वागत।

रणथम्भोर आगमन पर राजस्थान वन विभाग के मुखिया का किया स्वागत।

 रणथम्भोर आगमन पर राजस्थान वन विभाग के मुखिया हॉफ डॉ. डीएन पांडे जी का आज संस्था पथिक लोक सेवा समिति के सचिव मुकेश सीट, संस्था सदस्य सपना, अंजली, ललित, टिया,  सुरेंद्र आदि ने फोरेस्ट गेस्ट हाउस में जाकर मुलाकात कर त्रिनेत्र गणेश जी महाराज की तस्वीर भेंट की ओर हॉफ साहब को जिले के चौथ का बरवाड़ा से भगवतगढ़ व बोली आदि वन विभाग के क्षेत्र में आने वाले पहाड़ी इलाको में हाइना, जैकाल, लेपर्ड, लोमड़ी वन्यजीवो का विचरण रहता है इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां चालू करने का आग्रह किया जिससे जिले के लोगो को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे।

 file photo
                             


Sunday, May 22, 2022

अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया

अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया

आज अंतराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपवन संरक्षक वन विभाग सवाई माधोपुर व पथिक लोक सेवा समिति के सयुंक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।




कार्यक्रम की सुरुवात जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ऑला द्वारा जिला कलेक्ट्री परिसर में से रैली को हरी झंडी दिखा कर की गई, रैली बजरिया मैंन मार्केट में से होती हुई महावीर पार्क  में पहुची, पार्क में विभाग व संस्था द्वारा जूनियर व सीनियर वर्ग के स्कूल व कॉलेज के बच्चों की पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख श्रीमती सुदामा मीना, अध्यक्षता नगरपरिषद चैयरमैन विमल महावर विशिष्ट अतिथि उपवन संरक्षक जयराम पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डिग्गी प्रसाद मीना व अतिथि संस्था सचिव मुकेश सीट, वन अधिनस्थ कर्मचारी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन , राजकीय पीजी कॉलेज के व्याख्याता रामलाल बैरवा, अध्यापिका श्रीमती विजयलक्ष्मी अग्रवाल, सेनानिवर्त फौजी हुसेन खान, सेवादल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सलमान रंगरेज, रणथम्भोर स्कूल आर्ट के एम डी परासर व वन विभाग से रेंजर सुरेश गुर्जर, फोरेस्टर ताराचंद व संस्था सदस्य भवानी शंकर, सन्नी वर्मा, ऋषि मीना, सपना जोलिया, सविता शर्मा के अलावा वन कर्मचारी स्कूल के बच्चे व संस्था सदस्य व आमजन मौजूद रहे।



इस अवसर कार्यक्रम का मंच संचालन वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने किया। सभी अतिथियों का स्वागत वन अधिकारीयों व संस्था सदस्यो द्वारा किया गया। 


कार्यक्रम की सुरुवात करते हुवे संस्था सचिव मुकेश सीट ने कर्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों,विद्यार्थियों, संस्था सदस्यो व वन कर्मचारियों का स्वागत करते हुवे पर्यावरण संरक्षण के अलावा वन्यजीवो के संरक्षण करने में सभी को धरातल पर योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में कॉलेज के व्यख्याता राम बैरवा ने जैव विविधता के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी साथ ही युवाओं को ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण के संरक्षण में अपनी अहम जिमेदारी निभाने की अपील की, मुख्य अथिति जिला प्रमुख ने ओर कार्येक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर परिषद चेयरमैन ने ऐसे आयोजन जिले में होते रहे चाहिए इस कार्यक्रम के आयोजक वन विभाग और संस्था को धन्येवाद दिया। और सभी को प्रकति ओर जीव जंतुओं का संरक्षण करने की अपील की, उप वन संरक्षक जयराम पांडे जी ने मानव जीवन मे जैव विविधता को समझते हुवे विस्तार पूर्वक समझाया छोटे बड़े जीवो की कई प्रकार की प्रजातियां होती है जिनका पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, ऑक्सिजन, ग्लोबलवार्मिंग आदि में जैव विविधता के महत्त्व बारे में बताया। मानव जीवन को बचाने के लिए जैव विविधता का संरक्षण करना अति आवश्यक हो गया है।

 
                               

पोस्टर प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में पीजी कॉलेज की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा प्रतिभा गुप्ता द्वितीय स्थान व प्रीति खनगवार प्रथम स्थान ओर जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान पर स्टेप बाई स्टेप स्कूल के चिन्मय शर्मा, द्वितीय स्थान शिवांक गुप्ता व तृतीय स्थान कशिश मंगल सिनियर सेकेंड्री कुतलपुरा जाटान रही। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरुस्कार दिया गया साथ ही रैली में सम्मलित होने वाले सभी विद्यार्थियों व संस्था सदस्यों को भी सांत्वना पुरस्कार दिए गए।




कार्यक्रम के अंत जिला प्रमुख व नगर परिषद चेयरमैन, उप वन संरक्षक संस्था सदस्यों द्वारा संस्था पथिक लोक सेवा समिति का "पक्षी बचाओ परिंडा लगाओ अभियान" की शुरुआत पार्क में परिंडा लगाकर की गई।






Sunday, May 15, 2022

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

रणथंभौर की विभागिय टीम द्वारा बाघो व अन्य वन्यजीवो के संरक्षण मे इस वर्ष बेहतरीन कार्ये किये गए-

रणथम्भोर बाघ परियोजना के बदलाव की कहानी है-

पहली बार टाइगर रिजर्व में पानी के व्याप्त व्यवस्थाओ के ये सोलर की व्याप्त व्यवस्था, टाइगर प्रोटेक्शन व कंजर्वेशन के लिए 9 चौकियां ओर बॉडर होमगार्ड्स की व्यवस्था आदि के काम होते दिख रहे है और इनके अलावा किसी भी टाइगर रिजर्व के लिए सब से अहम जरूरी होती है उसकी जीवन रेखा, पेराफेरी प्रोटेक्शन रोड व रोज टाइगर की रिपोर्टिंग । 


जिस कोर एरिया में सर्वाधिक बाघ हैं और जहां से लगातार बाघ गायब होने की घटनाएं होती रही है वहा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रोटक्शन रॉड बनाई गई और सभी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। स्टाफ के रहने के लिए बेहतरीन सुविधाओं युक्त चौकिया बनाई गई है कुछ एक का निमार्ण कार्ये प्रगर्ति पर है। 



अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगता देख कुछ एक छोटे मोटे व्यवधान उत्तपन्न हुवे जिसे कुछ निर्माणाधीन काम रुक गए तो कुछ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कर पुलिस सुरक्षा के बीच कामो को पूरा किया जा रहा हैं।


4 सर्वाधिक बाघ व अन्य वन्यजीवो वाली रेंजों में 70 कि.मि पेट्रोलिंग ट्रैक  व 12 चोकिया बनाई गई हैं। पहले इन पेरिफेरी पर सुरक्षा का कोई पुख़्ता बंदोबस्त नही था ना चौकीयो का तो नामोनिशान था और ना ही स्टाफ को गश्त करने के किसी प्रकार का कोई ट्रेक था। 

इसलिए पहले सुरक्षा दीवार के पेरिफेरी के रास्तों से अवैध गतिविधियां, अवैध घुसपैठ व शिकार जैसी कहि घटनाएं घटित होती रही थी। कभी कबार विभाग को सूचना लगती थी तो विभाग के वन कर्मियों के पास जंगल के बीच से होकर उन तक पहुंचने के रास्ते नहीं मिलते थे। 


मिर्जाघाटी एरिया में  वर्ष 2021 दिसम्बर माह में एक चिंकारा के शिकार की घटना हुई थी जिसमे शिकारी चिंकारा को मारकर ले जा रहे थे। जब तक विभाग के वन कर्मियों की टीम फेरफेरी से बाहर आबादी वाले एरिया से मोके पर पहुची तब तक शिकारी भाग चुके थे। इसे पहले भी बंदूकधारी शिकारी चीतल के कटे धड़ को ले जाते हुए ट्रैप कैमरे में दिखाई दिए थे, हर बार जीवन रेखा सड़क, पर्याप्त चौकिया, व स्टाफ के अभाव में यही होता रहा है शिकारी शिकार कर के हमेशा गायब हो जाता था क्योंकि जंगल में 15-20 किलोमीटर भीतर के पीएफेरी में  घुसपैठ रोकने के लिए कोई स्टाफ, चौकी, रास्ते मौजूद नहीं थे। 


हाल ही में किये गये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कार्यों को ओर आगे बढ़ाते हुवे सवाई मानसिंह अभ्यारण फलौदी वाले 636 वर्ग कि.मी तक ले जाना है।


जिससे टाइगर ओर अन्य वन्यजीवो को एक बड़ा एरिया मिलेगा, साथ ही अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण होने से पेरिफैरी एरिया में फिर से हरा भरा जंगल डवलप होगा ओर सभी प्रकार की अवैध घटनाएं रूकेंगे।

Wednesday, April 13, 2022

 रणथम्भौर में अधिकारियों की नाक के नीचे फिल्म व डाॅक्यूमेंट्री की हो रही  सूटिंग

रणथम्भौर में अधिकारियों की नाक के नीचे फिल्म व डाॅक्यूमेंट्री की हो रही सूटिंग

 रणथम्भौर में अधिकारियों की नाक के नीचे फिल्म व डाॅक्यूमेंट्री की हो रही  सूटिंग

सवाई माधोेपुर- रणथम्भौर अभ्यारण में एक ओर नेषनल टाइगर कनजर्वेषन अथाॅरिटी एनटीसीए की गाइड लाइन का हवाला देकर पर्यटन वाहनों की संख्या को सीमित किया जा रहा है। वहीं दूसरी और वन विभाग की नाक के नीचे रणथम्भौर अभ्यारण में फिल्म व डाॅक्यूमेंट्री के नाम पर वन अधिकारियों की नाक के नीचे खुलेआाम धज्जियां उड़ाई जा रही है। वर्तमान में रणथम्भौर में कई कंपनियां डाॅक्यूमेंट्री फिल्मों कीष्षूटिंग कर रही है। ष्षूटिंग के दौरान ष्षूटिंग की टीम जंगल में जिप्सी के कांच गिराकर, सीटें खोलकर और जिप्सी में क्रेन कैमरा लगाकर ष्षूटिंग कर रहे हैं। इससे वन्य जीवों के जीवन में दखल पड़ रहा है। 



क्रेन कैमरा लगाना प्रतिबंधित- वन विभाग के अनुसार जंगल में भ्रमण के दौरान और डाॅक्यूमेंट्री सूटिंग के दौरान जिप्सी के कांच गिराना, सीटें खोलना, और जिप्सी पर क्रेन कैमरा लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ऐसा करते पाए जाने पर जिप्सी पर प्रतिबंध, ष्षूटिंग को बंद करने और जुर्माना लगाने के प्रावधान हैं। इसके बाद भी रणथम्भौर अभ्यारण में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर सूटिंग की जा रही है। वहीं टाइगर के फुटेज लेने के लिए जिप्सी संचालक भी जिप्सी को बाधों के बिल्कुल करीब ले जाते हैं। ऐसे में हादसा होने की पूरी पूरी संभावना रहती है। 

वहीं इस पूरे मामले पर रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाई माधोपुर के महेन्द्र शर्मा ने कहा कि रणथम्भौर में कई डाॅक्यूमेंट्री सूटिंग की जा रही है। सूटिंग के दौरान नियमों की अवहेलना की जानकारी नहीं है। ना ही इस संबंध में हमें कोई शिकायत मिली। फिर भी मामले जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।  


Wednesday, September 15, 2021

Leopards in the Land of Tigers

Leopards in the Land of Tigers


Article: Leopard very shy, elusive and agile creature often avoid conflicts with large predators, they usually keep a safe distance to avoid any encounter, most of the time they take their food high on tree so that no other animal should disturb them while they are feeding. 

Especially when large predators like Tigers are around, they either run away from the scene or climb a high tree where bulky tigers can't get hold of them, even if there is a fully grown leopard direct conflict with tigers means certain death. 

If in case these leopards want to steal some food from the tiger's kill they wait patiently at a safe distance and when the tiger leaves the kill after feeding, then they approach slowly and gradually at the kill of the tiger to steal a portion from it. And when leopard leaves it, then other animals like hyena, wolf, jackal, or fox approach it, though sometimes hyena can chase away leopards also.

Since years they are co-existing, and they know their limitations as well, as a small tiger cub is vulnerable if the parents are not around. 

But in past some shocking footages came where a leopard was seen face to face with Tiger, in another incident in Sariska a leopard was seen feeding with Hyena as both of them are believed to be eternal enemies, in another incident also from Sariska a Tiger was seen killing a leopard, similarly, when a tiger was at a water hole a leopard was seen sitting on a tree and when the tiger left the place the leopard didn't come down, and waited for hours to come down. Even in Ranthambhore incidents were observed where Tiger is on the move and leopards are sitting on trees patiently.

In what circumstances leopard ate food with hyena is still a mystery, but in a Tiger, landscape leopards had to be very cautious, one wrong move could be fatal.

Co-existence is a universal principle established by Nature, Prey and Predator live together in a specific area according to their survival skills, there was a media documentary from Madhyapradesh probably Bandhavgarh where an abandoned Tigress cub survived by stealing food of the leopard, while her brothers were not so lucky, therefore survival skill is the most important key to encounter the obstacles of life.


Tuesday, September 14, 2021

MT-4 closed in 28 hectare enclosure since 11 months

MT-4 closed in 28 hectare enclosure since 11 months


Kota, Jhalawar, Bundi, Chittorgarh :- Lightning aka MT-4 Tigress, is closed and caged in a 28 hectare enclosure in MHTR since 11 months, it's same like a life time imprisonment for another Big Cat after T-24, and T-104.

Here it's worth mentioning the only fault of MT-4 was that she got a shoulder injury while T-24 and T-104 are caged inside enclosure on allegedly killing humans, there were protests for releasing T-24 by many wildlife lover but for MT-4 it seems nothing is happening.

Mukundra Hills Tiger Reserve became the most controversial Tiger Reserve of Rajasthan, when many tigers died and disappeared from MHTR in 2020. 

The only survivor was MT-4, she lost her cub also, of which her picture went viral. She was also found limping and in injured condition after days of search and combing operation conducted by the forest department with the help of the professional tiger trackers.

In upcoming October it would be almost 1 year for MT-4 in cage, Lightning was one of most loved Tigress of the Tourists when she was in Ranthambhore. 

She was shifted in MHTR to accompany MT-3 who came by itself from Ranthambhore Tiger Reserve, they both roamed outside the 80 square kilometer enclosure, MT-3 also later died. While another Tiger couple was inside the enclosure MT-1 and MT-2 of which MT-2 and her cubs died and MT-1 the first Tiger of MHTR disappeared.

MT-4 is living a lonely life since 11 months and experts says that this is not good for wild and free ranging animal, it will definitely affect her wild behavior in future.

Problem with MHTR is that the so called 80 square kilometer Predator Proof Fencing is not at all safe, people are found getting inside enclosure, it was found broken from many places even security wall which adjoins the Iron Fence is also found broken from many places allowing the intruder to trespass into the enclosed area, while NTCA has already asked them to dismantle the ₹ 20 Crore and area wise 80 square kms long Predator Proof Fencing. Wildlife Lovers has questioned that was it the sheer wastage of Public Money ? 

Meanwhile why there is a delay in releasing the big cat MT-4 in Big Enclosure ? or Shifting her to Seljar another core of MHTR and why there is delay in bringing a partner for MT-4 ? is seriously worth questioning. But before shifting any tigers back in MHTR or releasing MT-4 the security of the animal must be ensured.